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Thursday, July 11, 2019

मुगल कालीन साहित्य



मुगल कालीन साहित्य

मुगल कालीन साहित्य –

  • तुजुके बाबरी(बाबरनामा)- यह पुस्तक बाबर(स्वयं की आत्मकथा)द्वारा तुर्की भाषा में लिखी गई।
  • दीवान (काव्य-संग्रह)- तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • रिसाल-ए-उसज(खत-ए-बाबरी)- यह तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • मूबइयान(मुस्लिम कानून की पुस्तक)-यह पद्य शैली में तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • हुमायूँनामा फारसी भाषा में गुलबदन बेगम द्वारा लिखित।
  • तारीखे-रशीदी-फारसी भाषा में मिर्जा हैदर दोगलत ( बाबर का मौसेरा भाई) द्वारा रचित।
  • तजकिरात-उल-वाकियात-फारसीभाषा में जौहर आफतावची(हुमायूँ का पुराना नौकर) द्वारा लिखित।
  • वाकयात-ए-मुश्ताकी- फारसी भाषा में रिज्जकुल्लाह मुश्ताकी द्वारा लिखित।
  • तोहफा-ए-अकबरशाही-अब्बास खाँ सरवानी द्वारा फारसी भाषा में लिखित।
  • नफाइस-उल-मासिर-मीर अलाद्दौला कजवीनी द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • तारीख-ए-अल्फी-मुल्ला दाउद द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • अकबरनामा(आइने-अकबरी)-अबुल फजल द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • तबकाते-अकबरी- यह फारसी भाषा मेंनिजामुद्दीन अहमद द्वारा लिखा गया।
  • मुन्तख-उल-तवारीख-यह फारसी भाषा में अब्दुल कादिर बदायूँनी द्वारा लिखा गया।
  • तुजुके जहाँगीरी(जहाँगीर की आत्मकथा) – इसकी रचना फारसीभाषा में जहाँगीर,मौतमिद खां,मुहम्मद हादी
  • इकबालनामा-ए-जहाँगीरी-फारसी भाषा में मौतमिद खाँ बख्शी द्वारा रचित।
  • मआसिरे-जहाँगीरी-यह फारसी भाषा में ख्वाजा कामगार द्वारा रचित है।
  • पादशाहनामा-मोहम्मद अमीन कजवीनी द्वारा फारसी भाषा में रचित।
  • पादशाहनामा-फारसी भाषा में अब्दुल हमीद लाहौरी,मोहम्मद वारिस ने पूर्ण किया।
  • अk"मल-ए-सालेह-फारसी भाषा मेंमोहम्मद सालेह द्वारा रचित।
  • चहार-चमन-फारसी भाषा में चंद्रभानद्वारा रचित।
  • शाहजहाँनामाफारसी भाषा में इनायत खाँ द्वारा रचित।
  • आलमगीरनामा-यह फारसी भाषा में काजिम शीराजी द्वारा रचित।
  • वाकयात-ए-आलमगीरी-फारसी भाषा में आकिल खाँ द्वारा रचित।
  • फुतुहात-ए-आलमगीरी-फारसी भाषा में ईश्वरदास नागर द्वारा रचित।
  • मासिर-ए-आलमगीरीफारसी भाषा में साकी मुसतिद खाँ द्वारा रचित।
  • मुन्तखब-उल-लुबाब-फारसी भाषा में खफी खाँ द्वारा रचित।
  • नुख्शा-ए-दिलकुशाँ– फारसी भाषा में भीमसेन सक्सेना बुरहानपुरी द्वारा रचित।
  • खुलासत-उल-तवारीख-फारसी भाषा में सुरजनराय भंडारी द्वारा रचित।
  • मज्म-उल-बहरीन-फारसी भाषा में दाराशिकोह द्वारा रचित।

अनूदित पुस्तकें-

  1. रज्मनामा(महाभारत के विभिन्न भागों का समकलन)- फारसी भाषा में बदायूँनी,नकीब खाँ एवं अब्दुल कादिरद्वारा किया गया।
  2. रामायण– इसका फारसी भाषा में संकलन अब्दुल कादिर बदायूँनी ने किया था।
  3. अथर्ववेद – इसका फारसी भाषा में संकलन हाजी इब्राहीम सरहिन्दी ने किया था।
  4. भागवत पुराण-फारसी भाषा में संकलन राजा टोडरमल ने किया था।
  5. भगवद् गीता-iym फारसी भाषा में संकलन दारा शिकोह ने किया था।
  6. योगवशिष्ठ – फारसी भाषा में दारा शिकोह द्वारा संकलित ।
  7. बावन उपनिषद(सिर्र-ए-अकबर) –फारसी भाषा में संकलन दारा शिकोहद्वारा।
  8. कालिया दमन(अयार-अ-दानिश)-फारसी भाषा में अबुल फजल ।
  9. Uराजतरंगिणी– फारसी भाषा में मौलाना शाह मुहम्मद शाहाबादी
  10. लीलावती (गणित की पुस्तक)-फारसीभाषा में फैजी द्वारा।
  11. बाबरनामा – फारसी भाषा में अब्दुर्रहीम खानखाना एवं पायंदा खाँ द्वारा।
  12. तजक या तुजुक (ज्योतिष ग्रंथ) –फारसी भाषा में जहार-ए-जहन नाम से  मुकम्मल खाँ गुजराती द्वारा अनुवादित किया गया है।
  13. नल-दमयंती- फारसी भाषा में फैजीद्वारा अनुवादित।

अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य-

  • रामायण का बंगला भाषा में अनुवाद कृत्तिवास ने बारबकशाह के काल में किया।इसे बंगाल की बाइबिल कहा गया है।
  • महाभारत का बंगला भाषा में प्रथम अनुवाद काशीरीम दास ने बंगाल के शासक नुसरत शाह के आदेश पर किया था।
  • मालधर बसु ने रुकनुद्दीन बारबकशाह के शासन काल में 1473ई. में श्रीकृष्ण – विजय (बंगला) में लिखना प्रारंभ किया। उसने सुल्तान हुसैनशाह (1493-1519ई.) की आज्ञा से भगवतगीता का बंगला में अनुवाद किया।सुल्तान हुसैनशाह ने उसे-गुणराज खान की उपाधि प्रदान की।
  • हुसैनशाह ने सेनापति परागल खाँ  परमेश्वर से,जो कवीन्द्र भी कहा जाता था, से महाभारत का बंगला भाषा में दूसरा अनुवाद कराया।
  • हुसैनशाह के ही काल में श्रीकर नंदी ने महाभारत के अश्वमेध – पर्व का बंगला में अनुवाद किया।
  • फतवा-ए-आलमगीरी (प्रसिद्ध मुस्लिम कानून की पुस्तक) ही एकमात्र ऐसी साहित्यिक रचना थी, जिसे औरंगजेब ने लिखने का स्वयं आदेश दिया था।उसके अतिरिक्त वह किसी भी इतिहास- लेखन के विरुद्ध था।
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