Sunday, July 7, 2024

भौतिकी से सम्बंधित 500+ प्रश्न (500+ Questions related to Physics)

 

भौतिकी से सम्बंधित 500+ प्रश्न (500+ Questions related to Physics)

 

भौतिकी से सम्बंधित 500+ प्रश्न 

(500+ Questions related to Physics) 

                                                              By-- Nurool Ain Ahmad

      इन प्रश्नों को दिल से याद कर लीजिए दोस्तों!! क्योंकि आने वाले  सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में      पूछे  जाने की पूरी संभावना है ! 


·         डेसीबल किसे नापने के लिए प्रयोग में लाया जाता है – वातावरण में ध्‍वनि

·         ऐम्पियर क्‍या नापने की इकाई है – करेन्‍ट

·         यंग प्रत्‍यास्‍थता गुणांक का SI मात्रक है – न्‍यूटन/वर्ग मीटर

·         मात्रकों की अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पद्धति कब लागू की गई – 1971 ई.

·         खाद्य ऊर्जा को हम किस इकाई में माप सकते हैं – कैलोरी

·         विद्युत मात्रा की इकाई है – ऐम्पियर

·         SI पद्धति में लैंस की शक्ति की इकाई क्‍या है – डायोप्‍टर

·         कैण्‍डेला मात्रक है – ज्‍योति तीव्रता

·         जूल इकाई है – ऊर्जा

·         ल्‍यूमेन किसका मात्रक है – ज्‍योति फ्लक्‍स का

·         ‘क्‍यूरी’ (Curie) किसकी इकाई का नाम है – रेडियोएक्टिव धर्मिता

·         दाब का मात्रक है – पास्‍कल

·         कार्य का मात्रक है – जूल

·         प्रकाश वर्ष इकाई है – दूरी की

·         जड़त्‍व का माप क्‍या है – द्रव्‍यमान

·         एंगस्‍ट्राम क्‍या मापता है – तरंगदैर्ध्‍य

·         किसने न्‍यूटन से पूर्व ही बता दिया था कि सभी वस्‍तुएँ पृथ्‍वी की ओर गुरूत्‍वाकर्षण होती है – ब्रह्मगुप्‍त

·         यदि एक पेंडुलम से दोलन करने वाली घड़ी को पृथ्‍वी से चन्‍द्रमा पर ले जाएँ, तो घड़ी होगी – सुस्‍त

·         प्रकाश वोल्‍टीय सेल के प्रयोग से सौर ऊर्जा का रूपान्‍तरण करने से किसका उत्‍पादन होता है – प्रकाशीय ऊर्जा

·         जब हम रबड़ के गद्दे वाली सीट पर बैठते हैं या गद्दे पर लेटते हैं तो उसका आकार परिवर्तित जाता है। ऐसे पदार्थ में पायी जाती है – स्थितिज ऊर्जा

·         उत्‍पलावकता से सम्‍बन्धित वैज्ञानिक है – आर्किमिडीज

·         द्रव में आंशिक या पूर्णत: डूबे हुए किसी ठोस द्वारा प्राप्‍त उछाल की मात्रा निर्भर करती है – ठोस द्वारा हटाये गए द्रव की मात्रा पर

·         जल पृष्‍ठ पर लोहे के टुकड़े के न तैरने का कारण है – लोहे द्वारा विस्‍थापित जल का भार लोहे के भार से कम होता है।

·         वेग, संवेग और कोणीय वेग कैसी राशि है – सदिश राशि

·         अदिश राशि है – ऊर्जा

·         बल गुणनफल है – द्रव्‍यमान और त्‍वरण का

·         जब कोई व्‍यक्ति चन्‍द्रमा पर उतरता है तो उसके शरीर में उपस्थित – भार घट जाता है तथा मात्रा अपरिवर्तित रहती है

·         किसी पिण्‍ड के उस गुणधर्म को क्‍या कहते हैं जिससे वह सीधी रेखा में विराम या एकसमान गति की स्थिति में किसी भी परिवर्तन का विरोध करता है – जड़त्‍व

·         न्‍यूटन के पहले नियम को कहते हैं – जड़त्‍व का नियम

·         पारसेक (Parsec) इकाई है – दूरी की

·         वायुमण्‍डल के बादलों के तैरने का कारण है – घनत्‍व

·         समुद्र में प्‍लवन करते आइसबर्ग का कितना भाग समुद्र की सतह से ऊपर रहता है – 1/10

·         जब कोई नाव नदी से समुद्र में प्रवेश करती है तो – थोड़ी ऊपर की ओर उठ जाती है

·         पानी का घनत्‍व अधिकतम होता है – 4‍ डिग्री सेल्सियस पर

·         वस्‍तु की मात्रा बदलने पर अपरिवर्तित रहेगा – घनत्‍व

·         तैराक को नदी के मुकाबले समुद्री पानी में तैरना आसान क्‍यों लगता है – समुद्री पानी का घनत्‍व साधारण पानी से ज्‍यादा होता है

·         यदि पृथ्‍वी का द्रव्‍यमान वही रहे और त्रिज्‍या 1% कम हो जाए, तब पृथ्‍वी के तल पर ‘g’ का मान – 2% बढ़ जाएगा

·         ऊँचाई की जगहों पर पानी 100 डिग्री सेल्सियस के नीचे के तापमान पर क्‍यों उबलता है – क्‍योंकि वायुमण्‍डलीय दाब कम हो जाता है, अत: उबलने का बिन्‍दु नीचे आ जाता है।

·         कोणीय संवेग एवं रेखीय संवेग के अनुपात की विमा क्‍या होगी – M0L1T0

·         बर्नोली प्रमेय आधारित है – ऊर्जा संरक्षण पर

·         लोहे की सुई पानी की सतह पर तैरती है। इस परिघटना का कारण है – पृष्‍ठ तनाव

·         ब्‍लाटिंग पेपर द्वारा स्‍याही के सोखने में शामिल है – केशिकीय अभिक्रिया परिघटना

·         यदि हम भूमध्‍य रेखा से ध्रुवों की ओर जाते हैं, तो g का मान – बढ़ता है

·         शरीर का वजन – ध्रुवों पर अधिकतम होता है

·         एक अं‍तरिक्ष यात्री पृथ्‍वी तल की तुलना में चन्‍द्र तल पर अधिक ऊँची छलांग लगा सकता है, क्‍योंकि – चन्‍द्र तल पर गुरूत्‍वाकर्षण बल पृथ्‍वी तल की तुलना में अत्‍यल्‍प है  

·         जब एक पत्‍थर को चाँद की सतह से पृथ्‍वी पर लाया जाता है, तो – इसका भार बदल जाएगा, परन्‍तु द्रव्‍यमान नहीं

·         किसी लिफ्ट में बैठे हुए व्‍यक्ति को अपना भार कब अधिक मालूम पड़ता है – जब लिफ्ट त्‍वरित गति से ऊपर जा रही हो

·         एक व्‍यक्ति पूर्णत: चि‍कने बर्फ के क्षैतिज समतल के मध्‍य में विराम स्थिति में है। न्‍यूटन के किस/किन नियम/नियमों का उपयोग करके वह अपने आपको तट तक ला सकता है – तीसरा गति नियम

·         20 किलोग्राम के वजन को जमीन के ऊपर 1 मीटर की ऊँचाई पर पकड़े रखने के लिए किया गया कार्य है – शून्‍य जूल

·         एक व्‍यक्ति एक दीवार को धक्‍का देता है, पर उसे विस्‍थापित करने में असफल रहता है, तो वह करता है – कोई भी कार्य नहीं

·         पहाड़ी पर चढ़ता एक व्‍यक्ति आगे की ओर झुक जाता है, क्‍योंकि – शक्ति संरक्षण हेतु

·         पीसा की ऐतिहासिक मीनार तिरछी होते हुए भी नहीं गिर‍ती है, क्‍योंकि – इसके गुरूत्‍वकेन्‍द्र से जाने वाली ऊर्ध्‍वाधर रेखा आधार से होकर जाती है

·         एक ऊँची इमारत से एक गेंद 9.8 मी/सेकण्‍ड2 के एकसमान त्‍वरण के साथ गिरायी जाती है। 3 सेकण्‍ड के बाद उसका वेग क्‍या होगा – 29.4 मी/से

·         एक वस्‍तु का द्रव्‍यमान 100 किग्रा है (गुरूत्‍वजनित ge = 10ms-1) अगर चन्‍द्रमा पर गुरूत्‍वजनित त्‍वरण ge/6 है तो चन्‍द्रमा में वस्‍तु का द्रव्‍यमान होगा – 100 किग्रा

·         पावर (शक्ति) का SI मात्रक ‘वाट’ (watt) किसके समतुल्‍य है – किग्रा मी -2 से -3

·         भारहीनता की अवस्‍था में एक मोमबत्‍ती की ज्‍वाला का आकार – वही रहेगा

·         एक केशनली में जल की अपेक्षा एक तरल अधिक ऊँचाई तक चढ़ता है, इसका कारण है – तरल का पृष्‍ठ तनाव जल की अपेक्षा अधिक है

·         गुरूत्‍वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम का प्रतिपादन किसने किया – न्‍यूटन

·         ऊर्जा संरक्षण का आशय है कि – ऊर्जा का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश

·         पास्‍कल इकाई है – तापमान की

·         1 किग्रा/सेमी2 दाब समतुल्‍य है – 0.1 बार के

·         क्‍यूसेक से क्‍या मापा जाता है – जल का बहाव

·         किसी पिण्‍ड का भार – ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है

·         एक लिफ्ट में किसी व्‍यक्ति का प्रत्‍यक्ष भार वास्‍तविक भार से कम होता है, जब लिफ्ट जा रही हो – त्‍वरण के साथ नीचे

·         कौन-सी ऊॅंचाई भूस्थिर उपग्रहों की है – 36,000 Km

·         महान् वैज्ञानिक आर्किमिडीज किस देश से सम्‍बन्धित थे – ग्रीस

·         पानी की बूँदों का तैलीय पृष्‍ठों पर न चिपकने का कारण है – आसंजक बल का अभाव

·         तुल्‍यकारी उपग्रह घूमता है, पृथ्‍वी के गिर्द – पश्चिम से पूर्व

·         पहिये में बाल-बियरिंग का कार्य है – स्‍थैतिक घर्षण को गतिज घर्षण में बदलना

·         जल के आयतन में क्‍या परिवर्तन होगा यदि तापमान 90 Cसे गिराकर 30C कर दिया जाता है – आयतन पहले घटेगा और बाद में बढ़ेगा

·         एक झील में तैरने वाली इम्‍पात की नाव के लिए नाव द्वारा विस्‍थापित पानी का भार कितना है – नाव के उस भाग के बराबर जो झील के पानी की सतह के नीचे है

·         किसी कालीन की सफाई के लिए यदि उसे छड़ी से पीटा जाए, तो उसमें कौन-सा नियम लागू हो‍ता है – गति का पहला नियम

·         सड़क पर चलने की अपेक्षा बर्फ पर चलना कठिन है, क्‍योंकि – बर्फ में सड़क की अपेक्षा घर्षण कम होता है

·         लोलक की आवर्त काल (Time Period) – लम्‍बाई के ऊपर निर्भर करता है

·         लोलक घडि़याँ गर्मियों में क्‍यों सुस्‍त हो जाती है – लोलक की लम्‍बाई बढ़ जाती है जिससे इकाई दोलन में लगा हुआ समय बढ़ जाता है

·         किसी सरल लोलक की लम्‍बाई 4% बढ़ा दी जाए तो उसका आवर्तकाल – 2% बढ़ जाएगा

·         यदि लोलक की लम्‍बाई चार गुनी कर दी जाए तो लोलक के झूलने का समय – दोगुना होता है

·         पेंडुलम को चन्‍द्रमा पर ले जाने पर उसकी समयावधि – बढ़ेगी

·         एक कण का द्रव्‍यमान m तथा संवेग p है। इसकी गतिज ऊर्जा होगी – P2/2 m

·         एक भू-उपग्रह अपने कक्ष में निरन्‍तर गति करता है ? यह अपकेन्‍द्र बल के प्रभाव से होता है, जो प्राप्‍त होता है – पृथ्‍वी द्वारा उपग्रह पर लगने वाले गुरूत्‍वाकर्षण से

·         घड़ी के स्प्रिंग में भंडारित ऊर्जा – स्थितिज ऊर्जा

·         कक्षा में अंतरिक्षयान में भारहीनता की अनुभूति का कारण है – कक्षा में त्‍वरण बाहरी गुरूत्‍वाकर्षण के कारण त्‍वरण के बराबर होता है।

·         न्‍यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया तथा प्रतिक्रिया से सम्‍बद्ध बल – हमेशा भिन्‍न-भिन्‍न वस्‍तुओं पर ही लगे होने चाहिए

·         ”प्रत्‍येक क्रिया के बराबर व विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।” यह है – न्‍यूटन का गति विषयक तृतीय नियम

·         जल में तैरना न्‍यूटन की गति के किस नियम के कारण सम्‍भव है – तृतीय नियम

·         दलदल में फँसे व्‍यक्ति को लेट जाने की सलाह दी जाती है, क्‍योंकि – क्षेत्रफल अधिक होने से दाब कम हो जाता है

·         बर्फ के दो टुकड़ों को आपस में दबाने पर टुकड़े आपस में चिपक जाते है, क्‍योंकि – दाब अधिक होने से बर्फ का गलनांक घट जाता है

·         पृथ्‍वी के गुरूत्‍वाकर्षण का कितना भाग चन्‍द्रमा के गुरूत्‍वाकर्षण के सबसे नजदीक है – 1/6

·         किसी पिण्‍ड के द्रव्‍यमान तथा भार में अन्‍तर होता है, क्‍योंकि – द्रव्‍यमान स्थिर रहता है, जबकि भार परिवर्तनीय होता है

·         ”किसी भी स्थिर या गतिशील वस्‍तु की स्थिति और दिशा में तब तक कोई परिवर्तन नहीं होता जब तक उस पर कोई बाह्य बल सक्रिय न हो।” यह है – न्‍यूटन का गति विषयक प्रथम नियम

·         कौन-सा नियम इस कथन को वैध ठहराता है कि द्रव्‍य का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश – ऊर्जा संरक्षण का नियम

·         ऑटोमोबाइलों में प्रयुक्‍त द्रवचालित ब्रेक एक प्रत्‍यक्ष अनुप्रयोग है – पास्‍कल के सिद्धान्‍त

·         पदार्थ के संवेग और वेग के अनुपात से कौन-सी भौतिक राशि प्राप्‍त की जाती है – द्रव्‍यमान

·         शून्‍य में स्‍वतंत्र रूप से गिरने वाली वस्‍तुओं की/का – समान त्‍वरण होता है

·         दो वेक्‍टर (Vector) जिनका मान अलग है – उनका परिणामी शून्‍य नहीं हो सकता

·         त्‍वरण ज्ञात करने का सही सूत्र कौन-सा है –

·         रेल की पटरियाँ अपने वक्रों (Curves) पर किस कारण से झुकी (bent) हुई होती है – रेलगाड़ी के भार के क्षैतिज घटक से आवश्‍यक अभिकेन्‍द्रीय बल प्राप्‍त किया जा सकता है

·         साइकिल चलाने वाला मोड़ लेते समय क्‍यों झुकता है – वह झुकता है ताकि गुरूत्‍व केन्‍द्र आधार के अन्‍दर बना रहे, वह उसे गिरने से बचाएगा

·         कोई साइकिल सवार किसी मोड़ में घूमता है, तो वह है – अंदर की ओर झुकता है।

·         क्रीम सेपरेटर में दूध में से वसा को किस कारण से अलग किया जा सकता है – अपकेन्‍द्रीय बल

·         सूर्य पर ऊर्जा का निर्माण होता है – नाभिकीय संलयन द्वारा

·         सूर्य की ऊर्जा उत्‍पन्‍न होती है – नाभिकीय संलयन द्वारा

·         पानी के एक गिलास में एक बर्फ का टुकड़ा तैर रहा है। जब बर्फ पिघलती है तो पानी के स्‍तर पर क्‍या प्रभाव होगा – उतना ही रहेगा

·         पानी से भरी डाट लगी बोतल जमने पर टूट जाएगी क्‍योंकि – जमने पर जल का आयतन बढ़ जाता है

·         लैम्‍प की बत्‍ती में तेल चढ़ता है – कैपिलरी क्रिया के कारण

·         साबुन के बुलबुले के अन्‍दर का दाब – वायुमण्‍डलीय दाब से अधिक होता है

·         जब शुद्ध जल में डिटर्जेंट डाला जाता है, तो पृष्‍ठ तनाव – घट जाता है

·         आर्किमिडीज का नियम किससे समबन्धित है – प्‍लवन का नियम

·         तेल जल के तल पर फैल जाता है, क्‍योंकि – तेल का पृष्‍ठ तनाव जल से कम है

·         द्रव की बूँद की आकृति गोलाकार होने का कारण है – पृष्‍ठ तनाव

·         वर्षा की बूँद गोलाकार होती है – सतही तनाव के कारण

·         एक द्रव बूँद की प्रकृति गोल आकार लेने की होती है, जिसका कारण है – पृष्‍ठ तनाव

·         स्थिर पानी में मिट्टी का तेल डालने पर मच्‍छर कम होते हैं, क्‍योंकि यह – लार्वा के सांस में बाधा डालता है

·         पानी से निकालने पर सेविंग ब्रश के बाल आपस में चिपक जाते है। इसका कारण है – पृष्‍ठ तनाव

·         स्थिर गति से जा रही खुली कार में बैठा एक बालक गेंद को हवा में सीधे ऊपर फेंकता है। गेंद गिरती है – उसके हाथ में

·         जेट इंजन किस सिद्धान्‍त पर कार्य करता है – रैखिक संवेग के संरक्षण का सिद्धान्‍त

·         दूध से मक्‍खन निकाल लेने पर – दूध का घनत्‍व घटता है

·         जब किसी वस्‍तु को पृथ्‍वी से चन्‍द्रमा पर ले जाया जाता है, तो – उसका भार घट जाता है

·         जब एक चल वस्‍तु की गति दोगुनी हो जाती है तो उसकी गतिज ऊर्जा – चौगुनी हो जाती है

·         अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में सीधे खड़े नहीं रह सकते , क्‍योंकि – वहाँ गुरूत्‍वाबर्षण नहीं होता

·         संवातक कमरे की छत के निकट लगाए जाते हैं, क्‍योंकि – साँस में छोड़ी हुई गरम हवा ऊपर उठती है और वह बाहर चली जाती है

·         हवाई जहाज में फाउन्‍टेन पेन से स्‍याही बाहर निकल आती है, क्‍योंकि – ऊँचाई बढ़ने से वायुदाब में कमी आती है

·         धक्‍का-सह प्राय: स्‍टील के बनाये जाते हैं, क्‍योंकि – उसकी प्रत्‍यास्‍थता अधिक होती है

·         चन्‍द्रमा पर वायुमण्‍डल नहीं है, क्‍योंकि – यह सूर्य से प्रकाश पाता है

·         एक हॉर्स पावर (H.P.) कितने वाट के बराबर होता है – 746 वाट

·         एक कार की गति 36 किमी प्रति घण्‍टा है। इसे मीटर प्रति सेकण्‍ड में व्‍यक्‍त करेंगे – 10 m/s

·         तूफान की भविष्‍यवाणी की जाती है, जब वायुमण्‍डल का दाब – सहसा कम हो जाए

·         अण्‍डा मृदु जल में डूब जाता है, किन्‍तु नमक के सान्‍द्र घोल में तैरता है, क्‍योंकि – नमक के घोल का घनत्‍व अण्‍डे के घनत्‍व से अधिक हो जाता है।

·         किसी व्‍यक्ति को मुक्‍त रूप से घूर्णन कर रहे घूर्णी मंच पर अपनी (को‍णीय) चाल कम करने के लिए क्‍या करना चाहिए – अपने हाथ बाहर की तरफ फैला दें।

·         54 किमी/घण्‍टा के वेग का मान है – 15 मीटर/सेकेण्‍ड (54 X 1000 मीटर / 3600 सेकेण्‍ड = 15)

·         न्‍यूटन मीटर मात्रक है – ऊर्जा का

·         एक भूस्थिर उपग्रह अपनी कक्षा में निरन्‍तर गति करता है। यह अपकेन्‍द्र बल के प्रभाव से होता है, जो प्राप्‍त होता है – पृ‍थ्‍वी द्वारा उपग्रह पर लगाने वाले गुरूत्‍वाकर्षण से

·         स्‍वचालित कलाई घड़ि‍यों में ऊर्जा मिलती है – बैटरी से

·         जब कुएं से पानी की बाल्‍टी को ऊपर खींचते हैं तो हमें महसूस होता है कि बाल्‍टी – पानी की सतह से ऊपर भारी हो गई है।

·         भारहीनता होती है – गुरूत्‍वाकर्षण की शून्‍य स्थिति

·         एक नदी में चलता हुआ जहाज समुद्र में आता है तब जहाज का स्‍तर – थोड़ा ऊपर आएगा।

·         लोहे की कील पारे में क्‍यों तैरती है, जबकि यह पानी में डूब जाती है – लोहे का घनत्‍व पानी से अधिक है तथा पारे से कम।

·         जब एक ठोस पिण्‍ड को पानी में डुबोया जाता है, तो उसके भार में ह्रास होता है। यह ह्रास कितना होता है – विस्‍थापित पानी के भार के बराबर

·         बर्फ पानी में तैरती है, परन्‍तु ऐल्‍कोहॉल में डूब जाती है, क्‍योंकि – बर्फ पानी से हल्‍की होती है तथा ऐल्‍कोहॉल से भारी होती है।

·         चलती हुई बस जब अचानक ब्रेक लगाती है, तो उसमें बैठे हुए यात्री आगे की दिशा में गिरते हैं। इसको किसके द्वारा समझाया जा सकता है – न्‍यूटन का पहला नियम

·         रॉकेट की कार्य-प्रणाली किस सिद्धान्‍त पर आधारित होती है – संवेग संरक्षण

·         अश्‍व यदि एकाएक चलना प्रारम्‍भ कर दे तो अश्‍वारोही के गिरने की आशंका का कारण है – विश्राम जड़त्‍व

·         क्रिकेट का खिलाड़ी तेजी से आती हुई बॉल को क्‍यों अपने हाथ को पीछे खींचकर पकड़ता है– बॉल विश्राम की स्थिति में आ सकती है।

·         प्रेशर कुकर में खाना जल्‍दी पकता है, क्‍योंकि – इससे पानी का क्‍वथनांक बढ़ जाता है।

·         वायुदाबमापी की रीडिंग में अचानक गिरावट इस बात का संकेत है कि मौसम – तूफानी होगा।

·         हाइड्रोजन से भरा हुआ पॉलिथीन का एक गुब्‍बारा पृथ्‍वी के तल से छोड़ा जाता है। वायुमण्‍डल के ऊँचाई पर जाने से – गुब्‍बारे के आमाप में वृद्धि होगी।

·         एक धावक लम्‍बी छलांग लगाने से पहले कुछ दूरी तक दौड़ता है, क्‍योंकि – छलांग लगाते समय उसके शरीर की गति जड़ता उसको ज्‍यादा दूरी तय करने में मदद करती है।

·         भिन्‍न भिन्‍न द्रव्‍यमान के दो पत्‍थरों को एक भवन के शिखर से एक साथ गिराया जाता है – दोनों पत्‍थर जमीन पर एक साथ पहुँचते हैं।

·         श्‍यानता की इकाई है – प्‍वाइज

·         प्रकाश का रंग निर्धारित होता है, इसकी – तरंगदैर्ध्‍य से

·         पानी में हवा का बुलबुला वैसे ही काम करेगा, जैसे करता है – अवतल लैंस

·         हम पृथ्‍वी के पृष्‍ठ पर सूर्य का प्रकाश प्राप्‍त करते हैं। ये प्रकाश के किस प्रकार के किरणपुंज हैं – समान्‍तर

·         माध्‍यम के तापमान में वृद्धि के साथ प्रकाश की गति – वैसी ही रहती है।

·         प्रकाश छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना है, जिसे कहते हैं – फोटॉन

·         प्रकाश तरंग किस प्रकार की तरंग है – अनुप्रस्‍थ तरंग

·         प्रकाश का तरंग सिद्धान्‍त किसके द्वारा प्र‍स्‍थापित किया गया था – हाइगेन्‍स के द्वारा

·         अपवर्तक दूरबीन में क्‍या होता है – असमान फोकस दूरी के दो उत्‍तल लैंस

·         आकाश में नीला रंग प्रकट होने के साथ सम्‍बन्धित प्रकाश की परिघटना है – प्रकीर्णन

·         जब प्रकाश किरण एक माध्‍यम से दूसरे माध्‍यम में जाती है, तो इसकी – आवृत्ति समान बनी रहती है।

·         आकाश का रंग नीला प्रतीत होता है, क्‍योंकि – छोटी तरंगदैर्ध्‍य वाला प्रकाश बड़ी तरंगदेर्ध्‍य वाले प्रकाश की अपेक्षा वायुमण्‍डल में नीला प्रतीत होता है।

·         किस गुणधर्म के कारण पानी से भरे बर्तन में डुबोई गई छड़ी मुड़ी हुई प्रतीत होती है– अपवर्तन

·         पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन होता है, जब प्रकाश जाता है – हीरे से काँच में

·         इन्‍द्रधनुष बनने का कारण है – वायुमण्‍उल में सूर्य की किरणों का जल बूँदों के द्वारा परावर्तन

·         मृगतृष्‍णा (Mirage) उदाहरण है – पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन का

·         प्रकाश में ध्रुवण की घटना से य‍ह सिद्ध होता है कि प्रकाश तरंगें हैं – अनुप्रस्‍थ

·         प्रकाश विकिरण की प्रकृति होती है – तरंग एवं कण दोनों के समान

·         तरण ताल वास्‍तविक गहराई से कम गहरा दिखायी देता है। इसका कारण है – अपवर्तन

·         एक तालाब के किनारे एक मछुआरा मछली को भाले से मारने की कोशिश कर रहा है, तदनुसार उसे निशाना कैसे लगाना चाहिए – जहाँ मछली दिखायी दे उसके ऊपर

·         कपड़ों को धोते समय हम नील का प्रयोग करते हैं, उसकी – सही वर्ण संयोजन के कारण

·         पीले रंग का पूरक रंग है – नीला

·         अन्‍तर्दर्शी (Endoscop) क्‍या है – यह आहारनाल के भीतर देखने के लिए प्रयुक्‍त एक प्रकाशिक यंत्र है

·         मायोपिया से क्‍या तात्‍पर्य है – निकट दृष्टि दोष

·         हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia) का अर्थ है – दूर दृष्टि दोष

·         एक आदमी 10 मीटर से अधिक दूरी की वस्‍तु स्‍पष्‍ट नहीं देख पाता है। वह किस दृष्टिदोष से पीडि़त है – मायोपिया

·         एक मनुष्‍य 1 मीटर से कम दूरी की वस्‍तु को स्‍पष्‍ट नहीं देख सकता है। वह व्‍यक्ति किस दोष से पीडि़त है – दूर दृष्टि

·         ल्‍यूमेन एकक है – ज्‍योति फ्लक्‍स का

·         दूरबीन (Telescope) क्‍या है – दूर की वस्‍तु देखने का यंत्र

·         सूर्य के प्रकाश को धरती की सतह पर पहुँचने में लगने वाला समय है, लगभग – 8.5 मिनट

·         प्रकाश की गति है – 3 x 108 m/S

·         सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखायी देता है – किरीट (कोरोना)

·         पूर्ण सूर्य ग्रहण का अधिकतम समय होता है – 250 सेकण्‍ड

·         सूर्य ग्रहण तब होता है, जब – सूर्य और पृथ्‍वी के बीच चन्‍द्रमा हो

·         प्रकाशिक तन्‍तु के आकार के बावजूद प्रकाश उनमें प्रगामी होता है, क्‍योंकि वह ऐसा यंत्र है जिससे संकेतों को एक जगह से दूसरी जगह स्‍थानांतरित किया जा सकता है। यह किस परिघटना पर आधारित है – प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन

·         प्रकाश वायु की अपेक्षा काँच में मन्‍द गति से चलता है, क्‍योंकि – वायु का अपवर्तनांक काँच के अपवर्तनांक से कम होता है

·         जब प्रकाश की तरंगें वायु से काँच में होकर गुजरती है, तब कौन से परिवर्त्‍य प्रभावित होंगे – केवल तंरगदैर्ध्‍य तथा वेग

·         जब एक व्‍यक्ति तीव्र प्रकाश क्षेत्र से अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है, तो उसे कुछ समय के लिए स्‍पष्‍ट दिखायी नहीं देता है, बाद में धीरे-धीरे उसे चीजें दिखायी देने लगती है। इसका कारण है – आँखों का अन्‍धेरे के प्रति कुछ समय में अनुकूलित होना

·         निकट दृष्टि दोष दूर करने के लिए कौन-सा लैंस उपयोग में लाया जाता है – नतोदर / अवतल (Concave)

·         अवतल लैंस हमेशा किस प्रकार का प्रतिबिम्‍ब बनाते हैं – आभासी प्रतिबिम्‍ब

·         साबुन के पतले झाग में चमकदार रंगों का बना किस परिघटना का परिणाम है – बहुलित परावर्तन और व्‍यतिकरण

·         कार में दृश्‍यावलोकन के लिए किस प्रकार के शीशे का प्रयोग होता है – उत्‍तल दर्पण

·         यदि एक निकट-दृष्टिग्रस्‍त नेत्र का सुदूर बिन्‍दु 200 सेमी है तो लैंस की क्षमता क्‍या है – – 0.5D

·         ENT डॉक्‍टरों द्वारा प्रयोग किया जाने वाला हैड मिरर का प्रकार होता है – अवतल

·         नेत्रदान में दाता की आँख के किस हिस्‍से को प्रतिरोपित किया जाता है – कॉर्निया

·         मनुष्‍य की आँख में प्रकाश तरंगें किस स्‍थान पर स्‍नायु उद्वेगों में परिवर्तित होती हैं – रेटिना से

·         स्‍वस्‍थ नेत्र के लिए स्‍पष्‍ट दृष्टि की न्‍यूनतम दूरी कितनी होती है – 25 सेमी

·         यदि कोई व्‍यक्ति दूर की वस्‍तुओं को स्‍पष्‍ट नहीं देख सकता है तो उसकी दृष्टि में कौन –सा दोष होगा – निकट दृष्टि

·         निकट दृष्टि दोष से पीड़ित व्‍यक्ति को – दूर की वस्‍तुएँ दिखायी नहीं देती हैं

·         निकट दृष्टि दोष से पीड़ित व्‍यक्ति के चश्‍मे में प्रयोग किया जाता है – अवतल लैंस

·         दूर दृष्टि दोष से पीडि़त व्‍यक्ति को – निकट की वस्‍तुएँ दिखायी नहीं देती हैं

·         प्राथमिक रंग है – वे रंग जो अन्‍य रंगों के मिश्रण से उत्‍पन्‍न नहीं किये जा सकते हैं।

·         प्राथमिक रंग कौन-कौन्‍ से हैं – लाल, हरा व नीला

·         पेट अथवा शरीर के अन्‍य आन्‍तरिक अंगों के अन्‍वेषण के लिए प्रयुक्‍त तकनीक एण्‍डोस्‍कोपी (Endoscopy) आधारित है – पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन परिघटना पर

·         पानी की टंकी को ऊपर से देखने पर कम गहरी दिखायी देने का कारण है – अपवर्तन

·         चटका हुआ काँच चटकीला प्रतीत होता है – पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन के कारण

·         मरीचिका एक उदाहरण है – प्रकाश के अपवर्तन और पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन का

·         इन्‍द्रधनुष कितने रंग दिखाता है – 7

·         हीरा चमकदार दिखायी देता है – सामूहिक आन्‍तरिक परावर्तन के

·         प्रकाश की किरण को पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन के लिए किससे गुजरना होता है – काँच से जल

·         बाह्य अं‍तरिक्ष में किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश दिखायी देगा – काला

·         अबिन्‍दुकता का दोष दूर करने के लिए किस लैंस का प्रयोग करना चाहिए – सिलिंडरी लैंस

·         लैम्‍पर्ट नियम किससे सम्‍बन्धित है – प्रदीप्ति

·         आवर्द्धक लैंस वास्‍तव में क्‍या होता है – उत्‍तल लैंस

·         आइन्‍स्‍टीन के E=mc2 समीकरण में ‘c’ द्योतक है – प्रकाश वेग का

·         सोडियम वाष्‍प लैम्‍प प्राय: सड़क प्रकाश के लिए प्रयुक्‍त होते हैं, क्‍योंकि – ये चमकदार रोशनी देते हैं

·         प्रिज्‍म (Prism) में प्रकाश के विभिन्‍न रंगों का विभाजन कहलाता है – प्रकाश का वर्ण विक्षेपण

·         वायुमण्‍डल में प्रकाश के विसरण का कारण है – धूलकण

·         चन्‍द्र सतह पर एक प्रेक्षक को, दिन के समय आाकाश दिखायी देगा – काला

·         एक गोलाकार वायु का बुलबुला किसी काँच के टुकड़े में अन्‍त: स्‍थापित है। उस बुलबुले से गुजरती हुई प्रकाश की किरण के लिए वह बुलबुला किसकी तरह व्‍यवहार करता है – अपसारी लैंस

·         खतरे के संकेतों के लिए लाल प्रकाश का प्रयोग किया जाता है, क्‍योंकि – इसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है

·         समुद्र नीला प्रतीत होता है – आकाश के परावर्तन तथा जल के कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण

·         अस्‍त होते समय सूर्य लाल किस कारण दिखायी देता है – प्रकीर्णन

·         इन्‍द्रधनुष में किस रंग का विक्षेपण अधिक होता है – बैंगनी

·         तारे आकाश में वास्‍तव में जितनी ऊँचाई पर होते हैं, वे उससे अधिक ऊँचाई पर प्रतीत होते है। इसकी व्‍याख्‍या किसके द्वारा की जा सकती हैं – वायुमण्‍डलीय अपवर्तन

·         किस गाड़ी के अग्रदीप से प्रकाश का शक्तिशाली समान्‍तर पुंज पाने के लिए क्‍या उपयोग में लाना चाहिए – अवतल दर्पण

·         दाढ़ी बनाने के लिए काम में लेते हैं – अवतल लैंस

·         दूर दृष्टि दोष निवारण के लिए काम में लेते है – उत्‍तल लैंस

·         कार चलाते समय अपने पीछे के यातायात को देखने के लिए आप किस प्रकार के दर्पण का उपयोग करना चाहेंगे – उत्‍तल दर्पण

·         मानव आँख की रेटिना पर कैसा प्रतिबिम्‍ब बनता है – वास्‍तविक तथा उल्‍टा

·         किसी व्‍यक्ति का पूरा प्रतिबिम्‍ब देखने के लिए एक समतल दर्पण की न्‍यूनतम ऊँचाई होती है – व्‍यक्ति की ऊँचाई की आधी

·         जब कोई वस्‍तु दो समान्‍तर समतल दर्पणों के बीच रखी जाती है, तो बने हुए प्रतिबिम्‍ब की संख्‍या होगी – अनन्‍त

·         यदि किसी ऐनक के लैंस का पावर +2 डायोप्‍टर हो, तो इसके फोकस की दूरी होगी – 50 सेमी

·         प्रकाश में सात रंग होते है। रंगों को अलग करने का क्‍या तरीका है – फिल्‍टर से रंगों को अलग-अलग किया जा सकता है

·         लाल काँच को अधिक ताप पर गर्म करने पर वह दिखाई देगा – हरा

·         प्रकाश का रंग निश्चित किया जाता है – तरंगदैर्ध्‍य द्वारा

·         सूर्य की किरणों में कितने रंग होते हैं – 7

·         यदि वायुमण्‍डल न हो तो पृथ्‍वी से आकाश किस रंग का दिखाई देगा – काला

·         फोटोग्राफी में मुख्‍य रंग कौन-से होते है – लाल, नीला, हरा

·         सबसे कम तरंगदैर्घ्‍य वाला प्रकाश होता है – बैंगनी

·         जब प्रकाश के लाल, हरा व नीला रंगों को समान अनुपात में मिलाया जाता है, तो परिणामी रंग होगा – सफेद

·         फोटोग्राफिक कैमरे का कौन-सा भाग आँख की रेटिना की तरह कार्य करता है – फिल्‍म

·         कैमरे में किस प्रकार का लैंस उपयोग में लाया जाता है – उत्‍तल

·         मानव की आँख वस्‍तु का प्रतिबिम्‍ब किस भाग पर बनाती है – कॉर्निया

·         आइरिस का क्‍या काम होता है – आँख में जाने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करना

·         दृष्टि पटल (Retina) पर बना प्रतिबिम्‍ब होता है – वस्‍तु से छोटा लेकिन उल्‍टा

·         तन्‍तु प्रकाशिक संचार में संकेत किस रूप में प्रवाहित होता है – प्रकाश तरंग

·         तारे टिमटिमाते हैं – अपवर्तन के कारण

·         दूरबीन का आविष्‍कार किया था – गैलीलियो ने

·         अवतल लैंस प्रयुक्‍त होता है, सुधार हेतु – निकट दृष्टि दोष

·         यदि एक व्‍यकित दो समतल दर्पण जो 600 कोण पर आनत है, के बीच खड़ा हो तब उसे कितने प्रतिबिम्‍ब दिखेंगे – 5

·         धूप के चश्‍में की क्षमता होती है – 0 डायोप्‍टर

·         जिस सिद्धान्‍त पर ऑप्टिकल फाइबर काम करता है, वह है – पूर्ण आन्‍तरिक परावर्तन

·         क्षितिज के समीप सूर्य एवं चन्‍द्रमा के दीर्घ वृत्‍ताकार दिखायी देने का कारण है – अपवर्तन

·         श्‍वेत प्रकाश को नली में कैसे पैदा करते हैं – तन्‍तु को गर्म करके

·         प्रकाश में सात रंग होते हैं। रंगों को अलग करने का क्‍या तरीका है – एक प्रिज्‍म से रंगों को अलग-अलग किया जा सकता है

·         हमें वास्‍तविक सूर्योदय से कुछ मिनट पूर्व ही सूर्य दिखायी देने का कारण है – प्रकाश का अपवर्तन

·         यदि साबुन के दो भिन्‍न-भिन्‍न व्‍यास के बुलबुलों को एक नली द्वारा एक-दूसरे के सम्‍पर्क में लाया जाए, तो क्‍या घटित होगा – छोटा बुलबुला और छोटा व बड़ा बुलबुला और बड़ा हो जाएगा

·         परावर्तित प्रकाश में ऊर्जा – आपतन कोण पर निर्भर नहीं करती है

·         प्रकाश की गति किसके बीच से जाते हुए न्‍यूतम होती है – काँच

·         किसी तारे के रंग से पता चलता है, उसके – ताप का

·         किसी अपारदर्शी वस्‍तु का रंग उस रंग के कारण होता है, जिसे वह – परावर्तित करता है

·         पानी में लटकाकर बैठे हुए व्‍यक्ति को उसका पैर मुड़ा हुआ और छोटा दिखायी पड़ता है – अपवर्तन के कारण

·         जब एक काम्‍पेक्‍ट डिस्‍क (CD) सूर्य के प्रकाश में देखी जाती है तो इन्‍द्र धनुष के समान रंग दिखायी देते हैं। इसकी व्‍याख्‍या की जा सकती है – अपवर्तन, विवर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर

·         चन्‍द्र ग्रहण घटित होता है – पूर्णिमा के दिन

·         सूर्य ग्रहण कब होता है – प्रतिपदा (अमावस्‍या)

·         उचित रीति से कटे हीरे की असाधारण चमक का आधारभूत कारण यह है कि – उसका अति उच्‍च अपवर्तन सूचकांक होता है

·         एक स्थिर चुम्‍बक हमेशा दर्शाती है – उत्‍तर-उत्‍तर तथा दक्षिण-दक्षिण

·         फ्लक्‍स घनता और चुम्‍बकीय क्षेत्र की क्षमता का अनुपात किस माध्‍यम में होता है, उसकी – पारगम्‍यता

·         चुम्‍बकीय सुई किस तरफ संकेत करती है – उत्‍तर

·         ट्रान्‍सफॉर्मर का सिद्धान्‍त आधारित है – विद्युत-चुम्‍बकीय प्रेरण के सिद्धान्‍त पर

·         ट्रान्‍सफार्मर क्‍या है – AC वोल्‍टता को घटाने और बढ़ाने में प्रयुक्‍त होता है

·         विद्युत धारा का चुम्‍बकीय प्रभाव सर्वप्रथम अवलोकित किया गया – ओरस्‍टेड द्वारा

·         ध्रुवों पर नमण कोण का मान कितना होता है – 900

·         मुक्‍त रूप से लटकी चुम्‍बकीय सुई का अक्ष भौगोलिक अक्ष के साथ कोण बनाता है – 180 का

·         मुक्‍त रूप से निलम्बित चुम्‍बकीय सुई किस दिशा में टिकती है – उत्‍तर-दक्षिण दिशा

·         चुम्‍बकीय कम्‍पास की सुई किस ओर इंगित करती है – चुम्‍बकीय उत्‍तर व चुम्‍बकीय दक्षिण

·         चुम्‍बक चुम्‍बकीय पदार्थों जैसे लोहा, निकिल, कोबाल्‍ट आदि को आकर्षित करते हैं। वे प्रतिकर्षित कर सकते हैं – प्रतिचुम्‍बकीय पदार्थों को

·         विषुवत् रेखा पर नति कोण का मान होता है – 0 डिग्री

·         एकसमान चुम्‍बकीय क्षेत्र में बल रेखाएँ होनी चाहिए – एक-दूसरे के समांतर

·         कौन विद्युत अचुम्‍बकीय है – ताँबा

·         चुम्‍बकीय याम्‍योत्‍तर और भौगोलिक याम्‍योत्‍तर के बीच के कोण को कहते है – चुम्‍बकीय दिकपात्‍

·         एक स्‍वतंत्र रूप से लटका हुआ चुम्‍बक सदैव ठहरता है – उत्‍तर-दक्षिण दिशा में

·         डायनेमो (विद्युत जनित्र) के कार्य करने का सिद्धान्‍त्‍ है – विद्युत्-चुम्‍बकीय प्रभाव

·         यदि किसी चुम्‍बक का तीसरा ध्रुव हो, तो तीसरा ध्रुव कहलाता है – परिणामी ध्रुव

·         पृथ्‍वी एक बहुत बड़ा चुम्‍बक है। इसका चुम्‍बकीय क्षेत्र किस दिशा में विस्‍तृत होता है – दक्षिण से उत्‍तर

·         लोहा का क्‍यूरी ताप होता है – 780 डिग्री सेल्सियस

·         चुम्‍बकीय क्षेत्र का मात्रक होता है – गौस

·         यदि एक चुम्‍बक को दो भागों में विभक्‍त कर दिया जाए तो – दोनों भाग पृथक्-पृथक् चुम्‍बक बन जाते

·         किसी चुम्‍बक की आकर्षण शक्ति सबसे अधिक कहाँ होती है – दोनों किनारों पर

·         किसी चुम्‍बक की आकर्षण शक्ति सबसे कम कहाँ होती है – मध्‍य में

·         स्‍थायी चुम्‍बक बनाये जाते हैं – इस्‍पात के

·         अस्‍थायी चुम्‍बक बनाये जाते हैं – नर्म लोहे के

·         ताँबा मुख्‍य रूप से विद्युत चालन के लिए प्रयोग किया जाता है क्‍योंकि – इसकी विद्युत प्रतिरोधकता निम्‍न होती है

·         शुष्‍क सेल है – प्राथमिक सेल

·         लोहे के ऊपर जिंक की परत चढ़ाने को क्‍या कहते हैं – गैल्‍वेनाइजेशन

·         विद्युत उपकरण में अर्थ (Earth) का उपयोग होता है – सुरक्षा के लिए

·         यदि किसी तार की त्रिज्‍या आाधी कर दी जाए तो उसका प्रतिरोध – सोलह गुना हो जाएगा

·         एक सामान्‍य शुष्‍क सेल में विघुत अपघट्य होता है – अमोनियम क्‍लोराइड

·         शुष्‍क सेल (बैटरी) में किनका विद्युत् अपघट्यों के रूप में प्रयोग होता है – अमोनिया क्‍लोराइड और जिंक क्‍लोराइड

·         किरचॉफ का धारा नियम आधारित है – ऊर्जा संरक्षण पर

·         1 वोल्‍ट, विभवान्‍तर द्वारा त्‍वरति होने पर एक इलेक्‍ट्रॉन जितनी ऊर्जा प्राप्‍त करता है, उसे कहते है – 1 इलेक्‍ट्रॉन वोल्‍ट

·         जब साबुन का बुलबुला आवेशित किया जाता है, तब – यह फैलता है

·         डायनेमो एक मशीन है, जिसका काम है – उच्‍च वोल्‍टेज को निम्‍न में परिवर्तित करना

·         स्थिर वैद्युत अवक्षेपित का प्रयोग किसे नियंत्रित करने के लिए किया जाता है – वायु-प्रदूषक

·         ट्रान्‍सफॉर्मर किससे काम करता है – केवल प्रत्‍यावर्ती धारा से

·         एक किलोवाट घण्‍टा (KWh) का मान होता है – 3.6 x 108 जूल

·         प्रत्‍यावर्ती धारा को दिष्‍ट धारा में बदला जाता है – दिष्‍टकारी द्वारा

·         शुष्‍क सेल में जो ऊर्जा संग्रहित रहती है, वह है – रासायनिक ऊर्जा

·         यदि किसी प्रारूपी पदार्थ का वैद्युत प्रतिरोध गिरकर शून्‍य हो जाता है, तो उस पदार्थ को क्‍या कहते हैं – अतिचालक

·         यदि किसी प्रतिरोधक तार को लम्‍बा किया जाए तो उसका प्रतिरोध – बढ़ता है

·         विद्युत मरकरी लैम्‍प में रहता है – कम दाब पर पारा

·         बिजली के पंखे की गति बदलने के लिए प्रयुक्‍त साधन है – रेगुलेटर

·         विद्युत बल्‍ब का तन्‍तु धारा प्रवाहित करने से चमकने लगता है, परन्‍तु तन्‍तु में धारा ले जाने वाले तार नहीं चमकते इसका कारण है – तन्‍तु का प्रतिरोध तारों की अपेक्षा अधिक होता है

·         प्रतिरोध (Resistance) का मात्रक है – ओम

·         घरों में लगे पंखे, बल्‍ब आदि लगे होते हैं – समानान्‍तर क्रम में

·         वस्‍तुओं का आवेशन किसके स्‍थानान्‍तरण के फलस्‍वरूप होता है – इलेक्‍ट्रॉन

·         आप कार में जा रहे हैं। यदि आसमान से बिजली गिरने वाली हो तो सुरक्षित रहने के लिए – कार की खिड़कियाँ बन्‍द कर लेंगे

·         सामान्‍यत: प्रयोग में लायी जाने वाली प्रतिदीप्ति ट्यूबलाइट पर क्‍या अंकित होता है – 6500K

·         मानव शरीर (शुष्‍क) के विद्युत प्रतिरोध के परिणाम की कोटि क्‍या है – 106 ओम

·         विद्युत उत्‍पन्‍न करने के लिए कौन-सी धातु का उपयोग होता है – यूरेनियम

·         माइका (Mica) है – ऊष्‍मा और विद्युत् दोनों का कुचालक

·         जलते हुए विद्युत बल्‍ब के तन्‍तु का ताप सामान्‍यत: होता है – 30000C से 35000C

·         ऐम्पियर क्‍या मापने की इकाई है – विद्युत धारा

·         एक कृत्रिम उपग्रह में विद्युत ऊर्जा का स्‍त्रोत है – सौर बैटरी

·         विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने की युक्ति है – विद्युत मोटर

·         रासायनिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में रूपान्‍तरण होता है – इलेक्‍ट्रोलिसिस द्वारा

·         प्रत्‍यावर्ती धारा को दिष्‍ट धारा में परिवर्तित करने वाली युक्ति को कहते हैं – रेक्‍टीफायर

·         ट्रान्‍सफॉर्मर प्रयुक्‍त होते हैं – AC वोल्‍टेज का उपचयन या अपचयन करने के लिए

·         प्रतिदीप्ति नली में सर्वाधिक सामान्‍यत: प्रयोग होने वाली वस्‍तु है – पारा वाष्‍प तथा ऑर्गन

·         तीन पिन बिजली के प्‍लग में सबसे लम्‍बी पिन को जोड़ना चाहिए – आधार सिरे से

·         दो विद्युत आवेशों के बीच लगने वाले बल से सम्‍बन्धित है – कूलॉम का नियम

·         ट्यूब लाइट (Tube Ligt) में व्‍यय ऊर्जा का लगभग कितना भाग प्रकाश में परिवर्तित होता है – 60-70%

·         समान आवेशों में होता है – विकर्षण

·         तड़ित चालाक का आविष्‍कार किसने किया – बैंजामिन फ्रेंकलिन

·         तड़ित चालक का आविष्‍कार किसने किया – ताँबे के

·         100 वॉट वाले एक विद्युत लैम्‍प का एक दिन में 10 घण्‍टे प्रयोग होता है। एक दिन में लैम्‍प द्वारा कितनी युनिट ऊर्जा उपयुक्‍त होती है – 1 यूनिट

·         एक 100 वाट का बिजली का बल्‍ब 10 घण्‍टे जलता है, तो 5 रूपये प्रति यूनिट की दर से विघुत खर्च होगा – 5 रूपये

·         किलोवाट-घण्‍टा किसकी इकाई है – विभवान्‍तर

·         बिजली के खपत का बिल किसके मापन पर आधारित होता है – वाटेज

·         फैराडे का नियम सम्‍बन्धित है – विद्युत अपघटन से

·         एक फ्यूज तार का उपयोग किसके लिए होता है – अत्‍यधिक धारा प्रवाह के समय विद्युत परिपथ को तोड़ने के लिए

·         घरेलू विद्युत् उपकरणों में प्रयुक्‍त सुरक्षा फ्यूज तार उस धातु से बनी होती है, जिसका – गलनांक कम हो

·         विद्युत फयूज में इस्‍तेमाल किया जाने वाला पदार्थ टिन और सीसा का एक मिश्र धातु है। इस धातु में – उच्‍च विशिष्‍ट प्रतिरोध एवं निम्‍न गलनांक होना चाहिए

·         बिजली सप्‍लाई के मेंस में फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण के रूप में लगा हुआ होता है। बिजली के फ्यूज के सम्‍बन्‍ध में कौन-सा कथन सही है – इसका गलनांक निम्‍न होता है

·         धातुएँ विद्युत की सुचालक होती है, क्‍योंकि – उनमें मुक्‍त इलेक्‍ट्रॉन होते हैं

·         अतिचालक का लक्षण है – उच्‍च पारगम्‍यता

·         इलेक्ट्रिक करेंट का यूनिट कौन-सा है – अर्ग

·         आपस में जुड़ी दो आवेशित वस्‍तु‍ओं के बीच विद्युत धारा नहीं बहती यदि वे होती हैं – समान विभव पर

·         बिजली के बल्‍ब का फिनामेन्‍ट किस तत्‍व से बना होता है – टंगस्‍टन

·         बल्‍ब को जोड़ने पर तेज आवाज होती है, क्‍योंकि – बल्‍ब के अन्‍दर निर्वात में तेजी से प्रवेश करती है

·         बिजली के बल्‍ब से हवा पूरी तरह से क्‍यों निकाल दी जाती है – टंगस्‍टन तन्‍तु के उपचयन को रोकने के लिए

·         एक विद्युत सर्किट में एक फ्यूज तार का उपयोग किया जाता है – सर्किट में प्रवाहित होने वाली अधिक विद्युत धारा को रोकने के लिए

·         फ्यूज (Fuse) का सिद्धान्‍त है – विद्युत का ऊष्‍मीय प्रभाव

·         फ्यूज तार (Fuse Wire) किससे बनती है – टिन और सीसा की मिश्र धातु

·         शीशे की छड़ जब भाप में रखी जाती है, इसकी लम्‍बाई बढ़ जाती परन्‍तु इसकी चौड़ाई – अव्‍यवस्थित होती है

·         लोलक घडि़याँ गर्मियों में सुस्‍त क्‍यों हो जाती हैं – लोलक की लम्‍बाई बढ़ जाती है जिससे इकाई दोलन में लगा समय बढ़ जाता है।

·         एक धातु की ठोस गेंद के अन्‍दर कोटर है। जब इस धातु की गेंद को गर्म किया जाएगा तो कोटर का आयतन – बढ़ेगा

·         जब किसी बोतल में पानी भरा जाता है और उसे जमने दिया जाता है तो बोतल टूट जाती हैं, क्‍योंकि – पानी जमने पर फैलता है।

·         अत्‍यधिक शीत ऋतु में पहाड़ों पर पानी की पाइप लाइनें फट जाती हैं। इसका कारण है – पाइप में पानी जमने पर फैल जाता है।

·         दो रेल पटरियों के मध्‍य जोड़ पर एक छोटा सा स्‍थान क्‍यों छोड़ा जाता है – क्‍योंकि धातु गर्म करने पर फैलती है तथा ठण्‍डी होने पर संकुचित होती है।

·         किसी झील की सतह पर पानी बस जमने ही वाला है। झील के अध:स्‍तल में जल का क्‍या तापमान होगा – 40C

·         बर्फ बनी झील के अन्‍दर मछलियाँ जीवित रहती हैं, क्‍योंकि – झील की तली पर बर्फ नहीं जम पाती।

·         बर्फ पर दाब बढ़ाने से उसका गलनांक (m.p.) – घट जायेगा

·         द्रव तापमापी की अपेक्षा गैस तापमापी अधिक संवेदी होता है, क्‍योंकि गैस – द्रव की अपेक्षा अधिक प्रसार करती है।

·         दूर की वस्‍तुओं जैसे सूर्य आदि का ताप किस तापमापी के द्वारा मापा जाता है – पूर्ण विकिरण उत्‍तापमापी द्वारा

·         ठंडे देशों में पारा के स्‍थान पर ऐल्‍कोहॉल को तापमापी द्रव के रूप में वरीयता दी जाती है, क्‍योंकि – ऐल्‍कोहॉल का द्रवांक निम्‍नतर होता है।

·         थर्मोकपल (तापयुग्‍मक) ऐल्‍कोहॉल द्वारा क्‍यों बनाया जाता है – ऐल्‍कोहॉल पारा से अधिक सस्‍ता होता है।

·         सूर्य का ताप मापा जाता है – पाइरोमीटर तापमापी द्वारा

·         ऊष्‍मा (Heat) एक प्रकार की ऊर्जा है जिसे कार्य में बदला जा सकता है। इसका प्रत्‍यक्ष प्रमाण सबसे पहले किसने दिया – रमफोर्ड

·         मानव शरीर का तापमान 60F होता है। सेल्सियस स्‍केल पर यह कितना होगा – 370C

·         ऊष्‍मा का सबसे अच्‍छा चालक है – चाँदी

·         किसी वस्‍तु का ताप किसका सूचक है – उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का

·         सूर्य की ऊष्‍मा पृथ्‍वी पर किस प्रकार के संचार माध्‍यम से आती है – विकिरण

·         केल्विन मान से मानव शरीर का सामान्‍य ताप है – 310

·         कितना तापमान होने पर पाठ्यांक सेल्सियस और फारेनहाइट तापमापियों में एक ही होंगे – (-400)

·         न्‍यूनतम सम्‍भव ताप है – (-2730C )

·         ”अच्‍छे उत्‍सर्जक अच्‍छे अवशोषक होते हैं”, यह नियम है – किरचॉफ का नियम

·         थर्मस फ्लास्‍क में ऊष्‍मा का क्षय रोका जा सकता है – चालन, संवहन व विकिरण से

·         थर्मस फ्लास्‍क की आन्‍तरिक दीवारें चमकीली होती है – विकिरण द्वारा होने वाली ऊष्‍मा हानि को रोकने के लिए

·         दिन के समय पृथ्‍वी समुद्र के जल की अपेक्षा बहुत जल्‍दी गर्म हो जाती है, क्‍योंकि – जल की विशिष्‍ट ऊष्‍माधारिता काफी अधिक होती है।

·         मोटरगाड़ी के रेडियेटर को ठण्‍डा करने के लिए पानी का व्‍यवहार किया जाता है क्‍योंकि – पानी की विशिष्‍ट ऊष्‍मा अधिक होती है।

·         एक मनुष्‍य का तापक्रम 600C है, तो उसका तापक्रम फारेनहाइट में क्‍या होगा – 1400 F

·         किसी मनुष्‍य के शरीरका सामान्‍य तापक्रम होता है – 980F

·         तप्‍त जल के थैलों में जल का प्रयोग किया जाता है, क्‍योंकि – इसकी विशिष्‍ट ऊष्‍मा अधिक है।

·         धातु की चायदानियों में लकड़ी के हैंडल क्‍यों लगे होते हैं – लकड़ी ऊष्‍मा की कुचालक होती है।

·         जब गर्म पानी को मोटे काँच के गिलास के ऊपर छिड़का जाता है तो वह टूट जाता है। इसका कारण है – अचानक ही गिलास विस्‍तारित हो जाता है।

·         पानी का घनत्‍व किस ताप पर अधिकतम होता है – 40C पर

·         सूर्य वि‍किरण का कौन-सा भाग सोलर कुकर को गर्म कर देता है – अवरक्‍त किरण

·         शीतकाल मे कपड़े हमें गर्म रखते हैं, क्‍योंकि – शरीर की ऊष्‍मा को बाहर जाने से रोकते हैं।

·         पानी कब उबलता है – जल का स्थि‍तीय वाष्‍प दाब वातावरणीय दाब के बराबर होता है।

·         द्रवों तथा गैसों में ऊष्‍मा का स्‍थानान्‍तरण किस विधि द्वारा होता है – संवहन

·         पानी से भरे गिलास में बर्फ का एक टुकड़ा तैर रहा है। टुकड़े के पूरा पिघल जाने पर गिलास में पानी का तल – अपरिवर्तित रहता है।

·         आण्विक संघटन के द्वारा ऊष्‍मा का सम्‍प्रेषण क्‍या कहलाता है – संवहन

·         दाब बढ़ने से किसी द्रव का क्‍वथनांक – बढ़ेगा

·         भाप से हाथ अधिक जलता है, अपेक्षाकृत उबलने वाले जल से क्‍योंकि – भाप में गुप्‍त ऊष्‍मा होती है

·         बर्फ के दो टुकड़ों को आपस में दबाने पर टुकड़े आपस में चिपक जाते हैं, क्‍योंकि – दाब अधिक होने से बर्फ का गलनांक घट जाता है

·         काले वस्‍त्रों के मुकाबले श्‍वेत वस्‍त्र शीतल क्‍यों होते हैं – उनके पास जो भी प्रकाश पहुँचता है उसे वे परावर्तित करते हैं

·         ऊनी कपड़े सूती वस्‍त्रों की अपेक्षा गर्म होते हैं, क्‍योंकि वे – ताप के अच्‍छे रोधक होते है

·         बोलोमीटर (Bolometer) एक यंत्र है जो मापता है – ऊष्‍मीय विकिरण

·         ठण्‍ड के दिनों में लोहे के गुटके और लकड़ी के ग़ुटके को प्रात: काल में छुएँ तो लोहे का गुटका ज्‍यादा ठण्‍डा लगता है, क्‍योंकि – लकड़ी की तुलना में लोहा ऊष्‍मा का अच्‍छा चालक है

·         कड़े जाड़े में झील की सतह हिमशीतित हो जाती है, किन्‍तु उसके तल में जल द्रव अवस्‍था में बना रहता है। यह किस कारण से होता है – जल की सघनता 40C पर अधिकतम होती है

·         जिस ताप पर कोई ठोस पदार्थ ऊष्‍मा पाकर द्रव में परिणित होता है, कहलाता है – गलनांक

·         जिस ताप पर कोई द्रव ऊष्‍मा पा‍कर वाष्‍प में बदलता है, कहलाता है – क्‍वथनांक

·         जब बर्फ को 00C से 100 C तक गर्म किया जाता है, तो जल का आयतन – पहले कम होता है और उसके बाद बढ़ता है

·         रेफ्रीजरेटर में थर्मोस्‍टेट (Thermostat) का कार्य है – एकसमान तापमान बनाये रखना

·         ऊष्‍मागतिकी का प्रथम नियम किस अवधारणा की पुष्टि करता है – ऊर्जा संरक्षण

·         निम्‍नतापी इंजनों (Cryogenic engine) का अनुप्रयोग होता है – रॉकेट प्रौद्योगिकी में

·         न्‍यून तापामानों (Cryogenics) का अनुप्रयोग होता है – अन्‍तरिक्ष यात्रा, चुम्‍बकीय प्रोत्‍थापन एवं दूरमिति में

·         प्रेशर कुकर में चावल जल्‍दी पकता है, क्‍योंकि – उच्‍च दाब जल के क्‍वथनांक को बढ़ा देता है

·         मनुष्‍य आर्द्रता से परेशानी महसूस करता है। इसका कारण क्‍या है – पसीने का आर्द्रता के कारण वाष्पित नहीं होना

·         किसी द्रव का उसके क्‍वथनांक से पूर्व उसके वाष्‍प में बदलने की प्रक्रिया को क्‍या कहते है – वाष्‍पीकरण

·         पहाड़ों पर पानी किस तापमान पर उबलने लगता है – 100 डिग्री सेल्सियस से कम

·         सूर्य की सतह का ताप होता है – 6000K

·         जब पानी में नमक मिलाया जाता है, कौन-सा परिवर्तन होता है – क्‍वथनांक बढ़ता है और जमाव बिन्‍दु घटता है

·         गर्म मौसम में पंखा चलाने से आराम महसूस होता है, क्‍योंकि – हमारा पसीना तेजी से वाष्‍पीकृत होता है

·         कमरे को ठण्‍डा किया जा सकता है – सम्‍पीडित गैस को छोड़ने से

·         कोई पिण्‍ड ऊष्‍मा का सबसे अधिक अवशोषण करता है, जब वह हो – काला और खुरदरा

·         किस बिन्‍दु पर फारेनहाइट तापक्रम सेन्‍टीग्रेड तापक्रम का दोगुना होता है – 1600F

·         थर्मामीटरों में आमतौर पर पारद का प्रयोग किया जाता है, क्‍योंकि इसमें – उच्‍च चालकता होती है

·         अशुद्धियों के कारण द्रव का क्‍वथनांक (B.P) – बढ़ जाता है

·         एक स्‍वस्‍थ मनुष्‍य के शरीर का ताप होता है – 37 डिग्री सेल्सियस

·         प्रेशर कुकर में खाना कम समय में पकड़ता है, क्‍योंकि – अधिक दाब के कारण उबलते पानी का ताप बढ़ जाता है

·         गर्म करने से विस्‍तारण – पदार्थ का घनत्‍व घटा देता है

·         गर्मियों में सफेद कपड़े पहनना आरामदेह है, क्‍योंकि – ये अपने ऊपर पड़ने वाली सभी ऊष्‍मा को परावर्तित कर देते हैं

·         खाना पकाने के बर्तनों में लकड़ी अथवा बैकेलाइट का हैंडल होता है, क्‍योंकि – लकड़ी और बैकेलाइट ऊष्‍मा के खराब संवाहक (चालक) होते हैं

·         यदि किसी स्‍थान के तापमान में सहसा वृद्धि होती है तो आपेक्षिक आर्द्रता – घटती है।

·         सेल्सियस में माप का कौन-सा तापक्रम 300 K के बराबर है – 270C

·         थर्मोस्‍टेट वह यंत्र है जो – किसी निकाय का तापक्रम स्‍वनियंत्रित करता है।

·         ऊँची पहाडि़यों पर हिमपात क्‍यों होता है – ऊँची पहाडि़यों पर तापमान हिमांक से कम होता है, अत: जलवाष्‍प जमकर बर्फ बन जाती है।

·         पर्वतों पर आच्‍छादित हिम सूर्य की गर्मी द्वारा एक साथ न पिघलने का कारण है – यह सूर्य से प्राप्‍त अधिकांश ऊष्‍मा को परावर्तित कर देता है।

·         पहाड़ की चोटियों पर आलुओं को पकाने में अधिक समय लगता है क्‍योंकि – वायुमण्‍डलीय दाब कम होता है।

·         तेज हवा वाली रात्रि में ओस नहीं बनती है, क्‍योंकि – वाष्‍पीकरण की दर तेज होती है।

·         ठोस कपूर से कपूर वाष्‍प बनाने की प्रक्रिया को कहते हैं – ऊर्ध्‍वपातन

·         00C पर जल और बर्फ क्रिस्‍टल साम्‍यावस्‍था में होते हैं। जब इस प्रणालीपर दाब प्रयुक्‍त किया जाता है तब – बर्फ का अधिक भाग जल बन जाता है।

·         मिट्टी के घड़े में किस क्रिया के कारण जल ठण्‍डा रहता है – वाष्‍पीकरण

·         00C पर एक गिलास का पानी बर्फ में नहीं बदलता। इसका क्‍या कारण है – गिलास के पानी को जमाने के लिए उसमें से कुछ मात्रा में ऊष्‍मा निकाल देनी आवश्‍यक है।

·         प्रेशर कुकर में भोजन तेजी से पकता है, क्‍योंकि वायुदाब में वृद्धि – क्‍वथनांक को बढ़ा देती है।

·         एक थर्मामीटर जो 2000C मापने हेतु उपयुक्‍त हो, वह है – पूर्ण विकिरण पाइरोमीटर

·         जब सीले बिस्‍कुटों को थोड़ी देर के लिए फ्रिज के अन्‍दर रखा जाता है तो वह कुरकुरे हो जाते हैं, क्‍योंकि – फ्रिज के अन्‍दर आर्द्रता कम होती है और इसलिए अतिरिक्‍त नमी अवशोषित हो जाती है।

·         शीत काल में एक मोटी कमीज की अपेक्षा दो पतली कमीजें जमें अधिक गरम क्‍यों रख सकती है – दो कमीजों के बीच वायु की परत रोधी के माध्‍यम के रूप में काम करती है।

·         वाष्‍प इंजन में उबलते हुए जल का तापमान किस कारण से उच्‍च हो सकता है – बॉयलर के अन्‍दर उच्‍च दाब होता है।

·         शीतकाल में हैंडपम्‍प का पानी गर्म होता है, क्‍योंकि – पृथ्‍वी के भीतर तापमान वायुमण्‍डल के तापमान से अधिक होता है।

·         ऊष्‍मा का यूनिट है – जूल

·         ताप का SI मात्रक है – केल्विन

·         जलप्रपात के अधस्‍तल पर जल का तापमान ऊपर की अपेक्षा अधिक होने का कारण है – गिर रहे जल की गतिज ऊर्जा ऊष्‍मा में बदल जाती है।

·         जब किसी द्रव की 1 किग्रा मात्राअपने क्‍वथनांक पर द्रव से वाष्‍प में परिवर्तित होती है, तो इसमें अवशोषित होने वाली ऊष्‍मा को क्‍या कहते हैं – वाष्‍पीकरण की गुप्‍त ऊष्‍मा

·         ब्‍लैक बॉडी किसके विकिरण को अवशोषित कर सकती है – केवल उच्‍च तरंगदैर्ध्‍य

·         शीत ऋतु के दिनों में हम, मौसम किस प्रकार का होने पर, ज्‍यादा ठण्‍ड महसूस करते हैं – साफ मौसम

·         ध्‍वनि का तारत्‍व (Pitch) किस पर निर्भर करता है – आवृत्ति

·         श्रव्‍य परिसर में ध्‍वनि तरंगों की आवृत्ति क्‍या होती है – 20 Hz से 20,000 Hz

·         पराध्‍वनिक विमान उड़ते हैं – ध्‍वनि की चाल से अधिक चाल से

·         चमगादड़ अंधेरे मे उड़ सकती है, क्‍योंकि – वे अति तीव्र ध्‍वनि तरंग पैदा करती है जो उसका नियंत्रण करती है।

·         ध्‍वनि तीव्रता की डेसीबल में वह अधिकतम सीमा जिसके ऊपर व्‍यक्ति सुन नहीं सकता – 95 Db

·         पराश्रव्‍य तरंगें मनुष्‍य द्वारा – नहीं सुनी जा सकती है।

·         पराश्रव्‍य तरंगों को सबसे पहले किसने सीटी बजाकर उत्‍पन्‍न किया था – गाल्‍टन ने

·         शिकार, परभक्षियों या बाधाओं का पता लगाने के लिए चमगादड़ अथवा डॉल्फिन किस परिघटना का प्रयोग करते हैं – प्रतिध्‍वनि का निर्धारण

·         नजदीक आती रेलगाड़ी की सीटी की आवाज बढ़ती जाती है जबकि दूर जाने वाली रेलगाड़ी के लिए यह घटती जाती है। यह घटना उदाहरण है – डॉप्‍लर प्रभाव का

·         100 डेसीबल का शोर स्‍तर किसके संगत होगा – किसी मशीन की दुकान से आने वाला शोरगुल

·         किस तरंग का प्रयोग रात्रि दृष्टि उपकरण मे किया जाता है – अवरक्‍त तरंग

·         ध्‍वनि तरंगों की प्रकृति होती है – अनुदैर्ध्‍य

·         लगभग 200C के तापक्रम पर किस माध्‍यम में ध्‍वनि की गति अधिकतम रहेगी – लोहा

·         रेडियो का समस्‍वरण स्‍टेशन उदाहरण है – अनुवाद

·         जब किसी स्‍थान पर दो लाउडस्‍पीकर साथ-साथ बजते हैं, तो किसी स्‍थान विशेष पर बैठे श्रोता को इनकी ध्‍वनि नहीं सुनाई देती है। इसका कारण है – व्‍यतिकरण

·         स्‍पष्‍ट प्रतिध्‍वनि सुनने के लिए परावर्तक तल व ध्‍वनि स्रोत के बीच न्‍यूनतम दूरी होनी चाहिए – 30 मीटर

·         जब सेना पुल को पार करती है तो सैनिकों को कदम से कदम मिलाकर न चलने का निर्देश दिया जाता है, क्‍योंकि – पैरों से उत्‍पन्‍न ध्‍वनि के अनुनाद के कारण पुल टूटने का खतरा रहता है।

·         हम रेडियो की घुण्‍डी घुमाकर विभिन्‍न स्‍टेशनों के कार्यक्रम सुनते हैं। यह सम्‍भव है – अनुनाद के कारण

·         किसी ध्‍वनि स्रोत की आवृत्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव को कहते हैं – डॉप्‍लर प्रभाव

·         डॉप्‍लर प्रभाव सम्‍बन्धित है – ध्‍वनि से

·         पास आती हुई रेलगाड़ी की सीटी की आवृत्ति या तीक्ष्‍णता बढ़ती जाती है, ऐसा किस घटना के कारण होता है – डॉप्‍लर प्रभाव

·         ध्‍वनि तरंगें किसके कारण प्रतिध्‍वनि उत्‍पन्‍न करती है – परावर्तन

·         स्‍टेथोस्‍कोप ध्‍वनि के किस सिद्धान्‍त पर कार्य करता है – परावर्तन

·         प्रतिध्‍वनि तरंगों के कारण उत्‍पन्‍न होता है – परावर्तन

·         सोनार (Sonar) अधिकांशत: प्रयोग में लाया जाता है – नौसंचालकों द्वारा

·         एक जेट वायुयान 2 मैक के वेग से हवा में उड़ रहा है। जब ध्‍वनि का वेग 332 मी/से है तो वायुयान की चाल कितनी है – 664 मी/से

·         लगभग 200C के तापक्रम पर किस माध्‍यम में ध्‍वनि की गति अधिकतम होगी – लोहा

·         एक जैव पद्धति जिसमें पराश्रव्‍य ध्‍वनि का उपयोग किया जाता है – सोनोग्राफी

·         कौन-सी तरंगे शून्‍य में संचरण नहीं कर सकती – ध्‍वनि

·         यदि va, vw, तथा vs क्रमश: वायु, जल एवं इस्‍पात में ध्‍वनि का वेग हो तो – va < vw < vs

·         ध्‍वनि नहीं गुजर सकती – निर्वात से

·         वह उपकरण जो ध्‍वनि तरंगों की पहचान तथा ऋजुरेखन के लिए प्रयुक्‍त होता है क्‍या कहलाता है – सोनार

·         पराध्‍वनिक विमान कौन-सी प्रघाती तरंग पैदा करते हैं – पराश्रव्‍य तरंग

·         इको साउण्डिंग प्रयोग होता है – समुद्र की गहराई मापने के लिए

·         चन्‍द्रमा के धरातल पर दो व्‍यक्ति एक-दूसरे की बात नहीं सुन सकते, क्‍योंकि – चन्‍द्रमा पर वायुमण्‍डल नहीं है।

·         चिल्‍लाते समय व्‍यक्ति हमेशा हथेली को मुँह के समीप रखते हैं, क्‍योंकि – उस स्थिति में ध्‍वनि ऊर्जा सिर्फ एक दिशा में इंगित होगी।

·         डेसीबल इकाई का प्रयोग किया जाता है – ध्‍वनि की तीव्रता के लिए

·         ध्‍वनि या ध्‍वनि प्रदूषण मापा जाता है – डेसीबल मे

·         वायु में ध्‍वनि की चाल 332 मीटर प्रति सेकेण्‍ड होती है। यदि दाब बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाए तो ध्‍वनि की चाल होगी – 332 मी/सेकेण्‍ड

·         ध्‍वनि सबसे तेज यात्रा किसमें करती है – स्‍टील में

·         बादलों की बिजली की चमक के काफी समय बाद बादलों की गर्जन सुनायी देती है। इसका कारण है – प्रकाश की चाल ध्‍वनि की चाल से बहुत अधिक है।

·         वायु में ध्‍वनि का वेग है लगभग – 330 मी/से

·         ध्‍वनि के वेग का मान सबसे कम होता है – गैस में

·         जिस तत्‍व के परमाणु में दो प्रोटॉन, दो न्‍यूट्रॉन और दो इलेक्‍ट्रॉन हों, उस तत्‍व का द्रव्‍यमान संख्‍या कितनी होती है – 4

·         नाभिक का आकार है – 10-15 मी

·         पोजिट्रॉन (Positron) की खोज किसने की थी – एण्‍डरसन

·         हाइड्रोजन परमाणु के न्‍यूक्लियस में प्रोट्रॉन की संख्‍या है – एक

·         इलेक्‍ट्रॉन की खोज की थी – थॉमसन

·         किसी तत्‍व की परमाणु संख्‍या है – नाभिक में प्रोट्रॉन की संख्‍या

·         सूर्य पर ऊर्जा का निर्माण होता है – नाभिकीय संलयन द्वारा

·         किसमें ऋणात्‍मक आवेश होता है – ß कण

·         नाभिकीय रिएक्‍टर और परमाणु बम में यह अन्‍तर है कि – नाभिकीय रिएक्‍टर मे श्रृंखला अभिक्रिया नियंत्रित होती है।

·         ऐल्‍फा कण के दो इकाई धन आवेश होते हैं। इसका द्रव्‍यमान लगभग बराबर होता है – हीलियम के एक परमाणु के

·         कोबाल्‍ट-60 आमतौर पर विकिरण चिकित्‍सा में प्रयुक्‍त होता है, क्‍योकि यह उत्‍सर्जित करता है – गामा किरणें

·         परमाणु के नाभिक में होते हैं – प्रोटॉन व न्‍यूट्रॉन

·         न्‍यूट्रॉन की खोज की थी – चैडविक

·         लेजर (LASER) बीम सदा होती है – अपसारी बीम

·         प्रकाश किरण पुंज जो अत्‍यन्‍त दिशिक हो, कहलाती है – लेसर

·         परमाणु में प्रोटॉन रहते हैं – नाभिक के भीतर

·         इलेक्‍ट्रॉन वहन करता है – एक यूनिट ऋणावेश

·         समस्‍थानिक परमाणुओं में – प्रोटॉनों की संख्‍या समान होती है।

·         समस्‍थानिक (Isotopes) होते हैं, किसी एक ही तत्‍व के परमाणु जिनका – परमाणु भार भिन्‍न किन्‍तु परमाणु क्रमांक समान होता है।

·         किसी परमाणु नाभिक का आइसोटोप वह नाभिक है, जिसमें – प्रोटॉनों की संख्‍या वही होती है, परन्‍तु न्‍यूट्रॉनों की संख्‍या भिन्‍न होती है।

·         ऐसे दो तत्‍वों जिनमें इलेक्‍ट्रॉनों की संख्‍या भिन्‍न-भिन्‍न हो, परन्‍तु जिनकी द्रव्‍यमान संख्‍या समान हो, को कहते हैं – समभारिक

·         ऐसे परमाणु जिनके परमाणु क्रमांक समान परन्‍तु परमाणु द्रव्‍यमान भिन्‍न-भिन्‍न होते हैं, कहलाते हैं – समस्‍थानिक

·         नाभिकीय संलयन को ताप नाभिकीय अभिक्रिया भी क्‍यों‍ कहते हैं – संलयन में काफी ऊष्‍मा पैदा होती है।

·         रेडियो कार्बन डेटिंग की उम्र ज्ञात करने के लिए प्रयुक्‍त किया जाता है – जीवाश्‍मों को

·         परमाणु रिएक्‍टर क्‍या है – भारी पानी का तालाब

·         पृथ्‍वी की आयु का निर्धारण किस विधि द्वारा किया जाता है – यूरेनियम विधि

·         परमाणु पाइल का प्रयोग कहाँ होता है – ताप नाभिकीय संलयन के प्रचालन में

·         क्‍यूरी किसकी इकाई का नाम है – रेडियोऐक्टिव धर्मिता

·         नाभिकीय रिएक्‍टरों में ऊर्जा उत्‍पन्‍न होती है – नियंत्रित विखण्‍डन द्वारा

·         डायोड वह प्रयुक्ति है जो धारा को – एक दिशा में प्रवाहित होने देती है।

·         डायोड से धारा कितनी दिशाओं में बहती है – एक दिशा में

·         सिलिकॉन (Silicon) हैं – सेमीकंडक्‍टर

·         ट्रांजिस्‍टर के संविरचन में किस वस्‍तु का प्रयोग होता है – सिलिकॉन

·         एकीकृत परिपथ में प्रयुक्‍त अर्द्धचालक चिप बनी होती है – सिलिकॉन से

·         ऑटो हान ने अणुबम की खोज किस सिद्धान्‍त के आधार पर ही – यूरेनियम विखण्‍डन

·         लेजर एक युक्ति है, जिसके द्वारा उत्‍पन्‍न किया जाता है – वर्णविक्षेपित विकिरण

·         निम्‍नतापी इंजनों (क्रायोजेनिक इंजन) का अनुप्रयोग किया जाता है – रॉकेट में

·         विद्युत उत्‍पन्‍न करने के लिए कौन-सी धातु का उपयोग होता है – यूरेनियम

·         तारे अपनी ऊर्जा किस प्रकार प्राप्‍त करते हैं – नाभिकीय संयोजन के फलस्‍वरूप

·         सूर्य की ऊर्जा उत्‍पन्‍न होती है – नाभिकीय संलयन द्वारा

·         जब TV का स्विच ऑन किया जाता है, तो – दृश्‍य तुरन्‍त प्रारम्‍भ हो जाताहै, लेकिन श्रव्‍य बाद में सुनाई देता है, क्‍योंकि ध्‍वनि प्रकाश की अपेक्षा कम वेग से चलती है।

·         न्‍यूनतम तापमान पैदा करने के लिए किस सिद्धान्‍त का प्रयोग किया जाता है – अतिचालकता

·         सितारों में अक्षय ऊर्जा के स्रोत का कारण है – हाइड्रोजन का हीलियम में परिवर्तन

·         कौन-सी धातु अर्द्धचालक की तरह ट्रांजिस्‍टर में प्रयोग होती है – जर्मेनियम

·         एक टीवी सेट को चलाने के लिए किसको टीवी रिमोट नियंत्रण इकाई द्वारा प्रयोग किया जाता है – सूक्ष्‍म तरंगें

·         दूरदर्शन के संकेत एक निश्चित दूरी के बाद नहीं मिल सकते क्‍योंकि – पृथ्‍वी की सतह वक्राकार है।

·         टेलीविजन सिग्‍नल एक विशिष्‍ट दूरी के बाद सामान्यता टीवी सेट द्वारा ग्रहण नहीं किये जाते हैं, इसका कारण है – पृथ्‍वी की वक्रता

·         रडार का उपयोग किसलिए किया जाता है – जहाजों, वायुयानों आदि को ढूँढना एवं मार्ग निर्देश करने के लिए

·         त्रिविमीय चित्र किसके द्वारा लिया जाता है – होलोग्राफी

·         लेसर बीम का उपयोग होता है – गुर्दे की चिकित्‍सा में

·         लेसर अथवा किसी संसक्‍त प्रकाश स्रोत से निकली दो प्रकाश किरणों के व्‍यतिकरण से त्रिविमीय प्रतिबिम्‍ब बनाने से सम्‍बन्‍ध संवृति कहलाती है – होलोग्राफी

·         लेसर किरण होती है – केवल एक रंग की

·         परमाणु जिनमें प्रोटॉनों की संख्‍या समान परन्‍तु न्‍यूट्रॉनों की संख्‍या भिन्‍न-भिन्‍न रहती है, क्‍या कहलाते हैं – समस्थानिक

·         एक भारी नाभिक के दो हल्‍के नाभिकों में टूटने की प्रक्रिया को कहते है – नाभिकीय विखण्‍डन

·         हाइड्रोजन बम आधारित है – नाभिकीय विखंडन पर

·         सबसे पहला नाभिकीय रिएक्‍टर बनाया था – फर्मी

·         परमाणु बम का सिद्धान्‍त आधारित है – नाभिकीय विखण्‍डन पर

·         सर्वप्राचीन शैल समूह की आयु आँकी जाती है – K-Ar विधि से

·         नाभिकीय रिएक्‍टर में भारी जल (D2O) का प्रयोग किस रूप में किया जाता है – मंदक

·         द्रव्‍यमान-ऊर्जा सम्‍बन्‍ध किसका निष्‍कर्ष है – सापेक्षता का सामान्‍य सिद्धान्‍त

·         एक प्रकाश विद्युत सेल परिवर्तित करता है – प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में

·         बेरियम एक उपयुक्‍त रूप में रोगियों को पेट के एक्‍स किरण परीक्षण से पूर्व खिलाया जाता है, क्‍योंकि – बेरियम एक्‍स किरणों का एक अच्‍छा अवशोषक है और इससे चित्र में पेट की (अन्‍य क्षेत्रों की तुलना में) स्‍पष्‍टता से देखने में सहायता मिलती है।

·         कूलिज नलिका का प्रयोग क्‍या उत्‍पन्‍न करने के लिए किया जाता है – एक्‍स किरणें

·         X-किरणें किसको पार नहीं कर सकती है – अस्थि

·         अतिचालकता किस तापमान पर अत्‍यधिक आर्थिक महत्‍व की हो सकती है, जिससे लाखों रूपये की बचत हो – सामान्‍य तापमान पर

·         एक्‍स-किरणों की बेधन क्षमता किसके द्वारा बढ़ाई जा सकती है – कैथोड और एनोड के बीच विभवान्‍तर बढ़ाकर

·         पहले तापायनिक बल्‍ब का आविष्‍कार किसने किया था – जे. ए. फ्लेमिंग ने

·         इलेक्‍ट्रॉन का द्रव्‍यमान MeV में होता है – 51 MeV

·         एक माइक्रॉन में कितने मीटर होते हैं – 10-6

·         एक जूल में कितनी कैलोरी होती है – 24

·         1 माइक्रोमीटर बराबर होता है – 10-3 मीटर

·         डायनेमों में ऊर्जा परिवर्तन होता है – यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में

·         रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है – बैटरी

·         तेल का एक बैरल लगभग किसके बराबर है – 159 लीटर

·         कौन-सा वैज्ञानिक अपने बेटों के साथ नोबेल पुरस्‍कार का सहविजेता था – विलियम हैनरी ब्रैग

·         छह फुट लम्‍बे व्‍यक्ति की ऊँचाई नैनोमीटर में कैसे व्‍यक्‍त की जाएगी – लगभग 183 x 107 नैनोमीटर

·         एक प्रकाश वर्ष में कितनी दूरी होती है – 46 x 1012 km

·         एक नैनोमीटर (Nanometer) बराबर होता है – 10-7 cm

·         1 किलो कैलोरी ऊष्‍मा का मान होता है – 2 x 103 जूल

·         1 मेगावाट घण्‍टा (MWh) बराबर होता है – 6 x 109 जूल

·         1 जूल बराबर होता है – 107 अर्ग

·         एक नैनो सेकेण्‍ड में होते हैं – 10-9 s

·         एक एंग्‍स्‍ट्राम में कितने मीटर होते हैं – 10-10 m

·         एक अश्वशक्ति (HP) में होते हैं – 746 W

·         रेक्टिफायर का प्रयोग किया जाता है – AC को DC में बदलने के लिए

·         इलेक्‍ट्रॉनिक्‍ कम्‍प्‍यूटर का आविष्‍कार किसने किया – डॉ. अलान एम. टूरिंग

·         थर्मोस्‍टेट का प्रयोजन क्‍या है – तापमान को स्थिर रखना

·         रिकॉर्ड करने और रिकॉर्ड की हुई डिक्‍टेशन को पुन: रिप्रोड्यूश करने के लिए प्रयुक्त उपकरण को कहा जाता है – डिक्‍टाफोन

·         साइक्‍लोट्रॉन एक ऐसी युक्ति है, जो – आवेशित कणों को ऊर्जा प्रदान करती है।

·         कृष्‍ण छिद्र (Block Hole) सिद्धान्‍त को प्रतिपादित किया था – एस. चन्‍द्रशेखर ने

·         प्रकाश-विद्युत सेल बदलता है – प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में

·         1 खगोलीय इकाई औसतन बराबर होती है – पृथ्वी और सूर्य की दूरी के

·         एक माइक्रोन किसके बराबर होता है – 001mm

·         एक किलोग्राम राशि का वजन है – 8 न्‍यूटन

·         एक प्रकाश वर्ष किसके सर्वाधिक समीप है – 1015 m

·         निर्वात में प्रकाश की चाल होती है – 3 x 108 मीटर/ सेकण्‍ड

·         प्‍लांक नियतांक का मान कितना होता है – 6.6 x 10-34 जूल सेकण्‍ड

·         एक माइक्रोन बराबर है – 1/1000 mm

·         एक पीकोग्राम बराबर होता है – 10-12 g

·         1 किलोमीटर दूरी का तात्‍पर्य है – 1000 m

·         1 नॉटिकल मील बराबर होता है – 1.85 Km

·         1 फैदम बराबर होता है – 1.80 Km

·         1 मील बराबर होता है – 1.61 Km

·         1 बैरल में कितने लिटर होते है – 159

·         1 बार बराबर होता है – 105 Pa

·         तारों के मध्‍य दूरी मापने की इकाई है – प्रकाश वर्ष

·         टैकियॉन से तात्‍पर्य है – प्रकाश की गति से तीव्र गति वाले कण

·         भौतिकी में चतुर्थ आयाम का परिचय दिया – आइन्‍स्‍टीन ने

·         सूर्य की किरणों की तीव्रता मापने वाले उपकरण को क्‍या कहते हैं – एक्टिओमीटर

·         उड़ते हुए चक्‍के की प्रति सेकण्‍ड घूर्णन किससे मापी जाती है – स्‍ट्रोबोस्‍कोप

·         रडार उपयोग में आता है – रेडियो तंरगों द्वारा वस्‍तुओं की स्थिति ज्ञात करने में

·         कौन-सा उप‍करण चिकित्‍सकों द्वारा इस्‍तेमाल किया जाता है – स्‍टेथोस्‍कोप

·         चन्‍द्रा एक्‍स रे दूरबीन का नाम किस वैज्ञानिक के सम्‍मान में रखा गया – एस. चन्‍द्रशेखर

·         साइक्‍लोट्रान किसको त्‍वरित करने के लिए प्रयुक्‍त किया जाता है – परमाणु

·         पाइरोमीटर किसे मापने में प्रयोग में लाया जाता है – उच्‍च तापमान

·         कूलिज-नलिका का प्रयोग क्‍या उत्‍पन्‍न करने के लिए किया जाता है – एक्‍स किरणों

·         वायुयान का आविष्‍कार किसने किया था – ओ. राइट एवं डब्‍ल्‍यू. राइट


      

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विश्व की 20 सबसे लंबी नदियां  (Top 20 longest River in The World)                     नदियो का महत्त्व :- नदियां प्रकृति का एक अभिन्न अंग है...